प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के विकास की “नई जीवनरेखा” साबित होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार गंगा नदी सदियों से इस क्षेत्र की जीवनरेखा रही है, उसी प्रकार यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति और ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण से भारत की प्रगति को मजबूती मिल रही है और यह परियोजनाएं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा समय और लॉजिस्टिक लागत में भारी कमी आएगी, जिससे किसानों, उद्योगों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस परियोजना से निर्माण, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण उद्योगों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने भविष्य में इस एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने की संभावना भी जताई।
इस अवसर पर वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता के बावजूद भारत तेज गति से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है।
प्रधान मंत्री ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उसे “विकास विरोधी” और “महिला विरोधी” बताया तथा कहा कि पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया और प्रदेश के हितों के खिलाफ रुख अपनाया।
उन्होंने बंगाल चुनाव में अधिक वोटिंग को लेकर इसे उत्सव की संज्ञा दी । कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण हाई-स्पीड कॉरिडोर है। उन्होंने बताया कि शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग पट्टी भी विकसित की गई है, जो इस परियोजना की विशेषता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे राज्य में निवेश को बढ़ावा देगा, औद्योगिक उत्पादन को गति देगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम बनेगा। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक परिवर्तन का प्रमुख आधार बताया।
गौरतलब है 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा विकसित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों से होकर गुजरता है।
इसके पूरा होने पर मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय लगभग 12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा। यह परियोजना पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल, केंद्रीय एवं राज्य मंत्री, भारतीय जनता पार्टी के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।









