अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन का मशहूर वॉशिंगटन हिल्टन होटल एक बार फिर अचानक सुर्खियों और दहशत के बीच आ गया है। यह वही जगह है, जिसने 45 साल पहले उस खौफनाक घटना को देखा था जब तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर जानलेवा हमला हुआ था और अब, साल 2026 में एक बार फिर इसी होटल में फायरिंग जैसी आवाजों ने पूरे माहौल को हिला दिया, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बड़े कार्यक्रम में मौजूद थे। कुछ ही पलों में सामान्य दिख रहा आयोजन अफरा-तफरी में बदल गया और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। दो अलग-अलग दौर, दो अलग राष्ट्रपति और एक ही जगह वॉशिंगटन हिल्टन, जो एक बार फिर इतिहास की गंभीर और डराने वाली यादों को ताजा कर रहा है।
1981: जब रोनाल्ड रीगन पर हुआ था हमला
30 मार्च 1981 का दिन अमेरिकी इतिहास में काले अध्याय की तरह दर्ज है। तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन हिल्टन में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही वे बाहर निकले, जॉन हिंकले जूनियर नाम के हमलावर ने 22 कैलिबर रिवॉल्वर से गोलियां चला दीं। इस हमले में रीगन के साथ सीक्रेट सर्विस एजेंट टिमोथी मैकार्थी, पुलिस अधिकारी थॉमस डेलाहंटी और प्रेस सचिव जेम्स ब्रैडी भी घायल हुए थे। जेम्स ब्रैडी की हालत सबसे गंभीर रही और वह जीवनभर के लिए विकलांग हो गए थे। इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए थे।
2026: ट्रंप की मौजूदगी में फिर मची अफरा-तफरी
25 अप्रैल 2026 की रात एक बार फिर यही होटल दहशत का केंद्र बन गया। यहां व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर चल रहा था, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुख्य अतिथि थे। बॉलरूम में करीब 2600 लोग मौजूद थे, जिनमें पत्रकार, नेता और बड़ी हस्तियां शामिल थीं। इसी दौरान अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी है, लेकिन जल्द ही साफ हो गया कि फायरिंग जैसी आवाजें थीं। चश्मदीदों के अनुसार, लॉबी और बॉलरूम के बाहर 4 से 6 राउंड फायरिंग जैसी आवाजें सुनी गईं। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सीक्रेट सर्विस ने संभाली स्थिति
यूएस सीक्रेट सर्विस तुरंत हरकत में आई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा मेलानिया ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हॉल में मौजूद कई लोग टेबल के नीचे छिप गए, जबकि कुछ जमीन पर लेट गए। कुछ ही मिनटों में पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और संदिग्ध को होटल की लॉबी के पास ही हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति और अन्य वीवीआईपी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
एक ही होटल, दो बड़े हमले
वॉशिंगटन हिल्टन अब उन चुनिंदा जगहों में शामिल हो गया है जहां अलग-अलग समय पर दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में सुरक्षा संकट सामने आया। 1981 में रोनाल्ड रीगन सीधे हमले का शिकार हुए थे, जबकि 2026 में डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में गोलीबारी की आवाजों ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे दी।
1981 की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया था, लेकिन ताजा घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि इतने कड़े इंतजामों के बावजूद ऐसी चूक कैसे हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े आयोजनों में वीआईपी एरिया सुरक्षित होता है, लेकिन होटल के अन्य हिस्सों में जोखिम बना रहता है।







