टल गया महायुद्ध?: ट्रंप के बाद अब ईरान भी युद्धविराम पर सहमत, समझौते को बताया अपनी बड़ी जीत

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श्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा समय से धधक रहे युद्ध के बीच आखिरकार राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। लगातार हमलों, मिसाइलों और तबाही के बीच अब हालात बदलते दिख रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद अब ईरान ने भी दो हफ्ते के युद्धविराम पर मुहर लगा दी है, जिससे युद्ध की आग पर अस्थायी ब्रेक लगता नजर आ रहा है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस समझौते की पुष्टि की है।

 

यह जानकारी ईरानी मेहर न्यूज एजेंसी के जरिए दी गई। बयान में कहा गया कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ है और इसे ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई की मंजूरी मिली है। ईरान ने इस समझौते को अपनी बड़ी जीत बताया है। साथ ही यह भी कहा गया कि स्थायी शांति समझौते के लिए आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होगी। इस फैसले को पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच शांति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार युद्धविराम पर ईरान की शर्ते, इस प्रकार है। 

 

    • ईरान और अमेरिका 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत करेंगे।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ईरानी सेना के समन्वय में होगी।
  • क्षेत्र में रेजिस्टेंस एक्सिस के खिलाफ सभी युद्ध और हमले बंद किए जाएं।
  • अमेरिका को सभी ठिकानों और बेसों से अपनी सेनाएं वापस बुलानी होंगी।
  • हॉर्मुज में सुरक्षित ट्रांजिट सिस्टम स्थापित किया जाए, जिसमें ईरान की प्रमुख भूमिका हो।
  • ईरान को युद्ध में हुए नुकसान की पूरी भरपाई मिले।
  • उन पर लगे सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंध (सैंक्शन्स) हटाए जाएं।
  • विदेशों में जमा ईरानी जमी हुई संपत्तियों को वापस किया जाए।
  • इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बाध्यकारी प्रस्ताव में मंजूरी दी जाए।
  • योजना का उद्देश्य ईरान की आर्थिक, रणनीतिक और सुरक्षा स्थिति को मजबूत करना है।
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होर्मुज से जहाज को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति
युद्धविराम की सहमति के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी जवाबी कार्रवाई रोक देगी। उन्होंने यह घोषणा ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से की। अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनिर का धन्यवाद किया, जिन्होंने क्षेत्र में शांति लाने के लिए प्रयास किए।

इसके साथ ही होर्मुज को लेकर ईरान ने कहा कि दो हफ्तों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह ईरानी सेना के साथ समन्वय और तकनीकी शर्तों के आधार पर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान के 10 बिंदुओं के प्रस्ताव को भी बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार किया गया है।

इस्राइल भी युद्धविराम के लिए सहमत
एक अमेरिकी न्यूज चैनल ने व्हाइट हाउस के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस्राइल भी युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है। यह रिपोर्ट इस्राइल के सार्वजनिक प्रसारक कान ने भी प्रसारित की है। हालांकि इस्राइल या अमेरिकी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप ने क्या एलान किया था?
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि ईरान पर होने वाले संभावित हमले और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है। ट्रंप ने बताया कि यह एक दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर होगा, यानी इस दौरान न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। हालांकि इस समझौते के लिए एक बड़ी शर्त रखी गई है, ईरान को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा।

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अपने लक्ष्य हासिल कर चुका है अमेरिका- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब इन दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो यह पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।


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