पश्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे संघर्ष में हालात अब विस्फोटक और बेकाबू हो चुके हैं। इस्राइल और अमेरिका का ईरान के साथ जारी भीषण टकराव अब अपने 35वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात ज्यादा खतरनाक रूप ले चुका है। मिसाइलों की बारिश और लगातार धमाकों ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। यह युद्ध अब सीमाओं को तोड़कर वैश्विक खतरा बन गया है, जहां हर पल विनाश और अनिश्चितता का साया गहराता जा रहा है।
IRGC का दावा- तेल पर अवीव पर जोरदार हमला किया
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने तेल अवीव और एय्लात में इस्राइली सेना और सैन्य औद्योगिक कंपनियों पर ताजा हमले करके भारी नुकसान पहुंचाया है। IRGC ने कहा कि इन हवाई हमलों में इस्राइली ठिकानों और उपकरणों को नष्ट किया गया। इस्राइल की तरफ से अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इलाके में सुरक्षा अलर्ट और एंटी-मिसाइल सिस्टम सक्रिय हैं। यह हमले ईरान और इस्राइली के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए हैं।
इस्राइल ने ईरान पर नए हमलों का लहर शुरू किया
इस्राइली सेना ने कहा है कि ईरान की ओर से इस्राइल की तरफ मिसाइलों की नई लहर दागी गई है और देश के कई क्षेत्रों में हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। इस्राइली सैनिकों ने बयान में बताया कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को पहचानकर रोकने का प्रयास कर रही है। इस्राइल के होम फ्रंट कमांड ने जेरूसलम और तेल अवीव क्षेत्रों में चेतावनी सायरन भी बजाई हैं।
अचानक रिटायर हुए अमेरिकी सेना प्रमुख
अमेरिका की सेना में बड़ा बदलाव सामने आया है। पेंटागन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज ने अपने पद से तुरंत प्रभाव से रिटायरमेंट ले लिया है। पेंटागन के प्रवक्ता ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनरल जॉर्ज, जो सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ थे, अब अपने पद से हट चुके हैं। हालांकि, उनके अचानक रिटायर होने के पीछे की वजहों के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इस फैसले के बाद अब अमेरिकी सेना में नए नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अमेरिकी-इस्राइली हमलों में ईरान में 600 से अधिक स्कूल तबाह
ईरान ने दावा किया है कि 28 फरवरी से जारी हमलों में देश के शिक्षा क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और इस्राइल के हमलों में अब तक 600 से ज्यादा स्कूल और शैक्षणिक संस्थान प्रभावित हुए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों से स्कूलों की इमारतें नष्ट या क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ा है। साथ ही कई जगह छात्रों और शिक्षकों के हताहत होने की भी खबरें सामने आई हैं। इस घटनाक्रम के बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने और कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, लगातार जारी हमलों के कारण देश में शिक्षा व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।






