ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और यह रणनीतिक मार्ग सिर्फ अमेरिका और इस्राइल के जहाजों के लिए बंद है। ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया की प्रमुख शक्तियों से होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने नौसैनिक जहाज तैनात करने की अपील की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला रखेगा।
क्या बोले ईरानी विदेश मंत्री
अराघची ने एक बातचीत के दौरान कहा, ‘होर्मुज जलडमरू खुला है। यह केवल हमारे दुश्मनों, अमेरिका और उसके सहयोगियों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है। बाकी सभी के लिए आवागमन पर कोई रोक नहीं है।’ होर्मुज में ईरानी नाकेबंदी को लेकर किए गए सवाल पर अराघची ने कहा कि सुरक्षा चिंताओं के चलते ये नाकेबंदी की गई है। रूस और चीन को लेकर अराघची ने कहा, ‘रूस और चीन हमारे रणनीतिक साझेदार हैं। अतीत में हमारा घनिष्ठ सहयोग रहा है, जो अभी भी जारी है। इसमें सैन्य सहयोग भी शामिल है।’
‘होर्मुज स्ट्रेट खुला है, पर नियंत्रण हमारे पास है’ आईआरजीएस कमांडर
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- ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया है कि दुनिया में तेल ले जाने का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका द्वारा किए जा रहे दावे सही नहीं हैं। अमेरिका कह रहा है कि उसने ईरान की नौसेना को नष्ट कर दिया है और तेल के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे सकता है, लेकिन ये बातें गलत हैं। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से यह जानकारी दी है।
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- बयान में कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट को सैन्य रूप से बंद नहीं किया गया है, बल्कि यह सिर्फ ईरान के नियंत्रण में है। होर्मुज स्ट्रेट एक बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्ग है। दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में कहा है कि ईरान इस स्ट्रेट पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा।
- इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उन देशों से अपील की है जो इस रास्ते से तेल मंगाते हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों को इस समुद्री मार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और अमेरिका उनकी मदद करेगा।
- अमेरिका इस समय तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने भी पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।







