चीन में इस एआई टूल को सीखने 60 साल के बुजुर्ग भी लगा रहे लंबी कतार, जानिए 

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चीन में इन दिनों एक अनोखा टेक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। आमतौर पर नई तकनीकों को अपनाने में युवा सबसे आगे रहते हैं, लेकिन चीन में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। चीन में 60 साल से अधिक उम्र के लोग भी OpenClaw नाम की एक नई एआई तकनीक को सीखने के लिए उत्सुक दिखे।

 

हाल ही में टेक कंपनी Tencent ने एक सार्वजनिक इवेंट आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक पहुंचे। इनमें रिटायर्ड एविएशन इंजीनियर, लाइब्रेरियन और तकनीक में रुचि रखने वाले कई बुजुर्ग शामिल थे, जो एआई एजेंट को सीखना चाहते थे।

क्या है OpenClaw?
OpenClaw एक एडवांस एआई एजेंट है जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह लगातार बैकग्राउंड में काम कर सके। इसका मतलब है कि यह सिर्फ आपसे बातें नहीं करेगा, बल्कि आपके कहने पर काम भी करेगा। इस तकनीक को डेवलपर पीटर स्टीनबर्गर ने तैयार किया है। इसकी खासियत यह है कि यह कई डिजिटल काम अपने आप कर सकता है।

 

उदाहरण के तौर पर OpenClaw आपका ईमेल चेक कर सकता है, जरूरी जवाब भेज सकता है, कंप्यूटर के फोल्डर्स की निगरानी कर सकता है, स्क्रिप्ट चला सकता है और जानकारी इकट्ठा कर उपयोगकर्ता को रिपोर्ट दे सकता है। सरल भाषा में समझें तो जहां सामान्य एआई चैटबॉट उपयोगकर्ता के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हैं, वहीं OpenClaw उपयोगकर्ता की ओर से खुद काम भी कर सकता है।

बुजुर्गों में क्यों मची है इसे सीखने की होड़?
हाल ही में चीनी टेक दिग्गज टेंसेंट (Tencent) ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया, जहां भारी संख्या में रिटायर्ड एविएशन इंजीनियर और लाइब्रेरियन जैसे बुजुर्ग पहुंचे। उनके लिए यह केवल एक सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि एक ऐसा डिजिटल साथी है जो उनके मुश्किल तकनीकी कामों को आसान बना सकता है।

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चीन की दिग्गज कंपनियां जैसे Alibaba, Tencent और Baidu अब ऐसे सर्विस पैकेज दे रही हैं, जिनमें उनके तकनीशियन खुद घर जाकर या इवेंट्स में लोगों के कंप्यूटर पर OpenClaw इंस्टॉल करने में मदद करते हैं।

ओपन-सोर्स होने से बढ़ा आकर्षण
इस तकनीक की एक बड़ी खासियत यह भी है कि यह ओपन-सोर्स है। यानी इसका कोड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। इसलिए कोई भी डेवलपर इसे डाउनलोड कर सकता है, इसमें बदलाव कर सकता है या इसके आधार पर नए टूल तैयार कर सकता है। यही वजह है कि दुनिया भर के डेवलपर्स और टेक कंपनियों की इसमें दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।


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