277 गणमान्य लोगों ने कांग्रेस विरोध को राष्ट्रविरोधी बताया, राहुल- बब्बर शेर कार्यकर्ताओं पर गर्व

Spread the love

हाईकोर्ट के पूर्व जजों, सेवानिवृत्त नौकरशाहों, पूर्व राजदूतों और सशस्त्र बलों के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई प्रमुख हस्तियों ने एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। सभी ने इसे राष्ट्रीय गरिमा से विश्वासघात, सुनियोजित तमाशा और बुद्धिहीन राजनीति का दयनीय प्रदर्शन बताया है।

26 पूर्व न्यायाधीशों और पूर्व राजदूतों के अलावा 102 सेवानिवृत्त नौकरशाहों और 149 पूर्व सैन्य अधिकारियों सहित 277 गणमाण्य लोगों के हस्ताक्षर वाले संयुक्त बयान में कहा गया है, भारत के जागरूक नागरिक होने के नाते हम अत्यंत स्तब्ध हैं।  युवा कांग्रेस के सदस्यों की ओर से शर्टलेस विरोध प्रदर्शन करने की हालिया अक्षम्य घटना राष्ट्रीय गरिमा से घोर विश्वासघात है। हस्ताक्षर करने वाले 26 पूर्व जजों में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीसी पटेल शामिल हैं। अधिकारियों में कई राज्यों के पूर्व पुलिस प्रमुख भी शामिल हैं।

 

बयान में कहा गया है, ऐसे समय में जब दुनिया के सबसे प्रभावशाली तकनीकी नेता, वैश्विक सीईओ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भारत को भविष्य के प्रमुख निर्माता के रूप में उभरते देखने के लिए एकत्रित हुए थे, तब इस सुनियोजित हंगामे ने वैश्विक मंच पर देश की छवि को धूमिल करने का काम किया। एक उच्च स्तरीय राजनयिक और तकनीकी मंच को इस तरह के भद्दे और दिखावटी कृत्य के लिए चुनकर प्रदर्शनकारियों ने यह साबित कर दिया कि उनकी राजनीति में गणतंत्र की प्रतिष्ठा से ऊपर व्यक्तिगत दिखावे को प्राथमिकता दी जाती है। यह और भी घृणित है क्योंकि यह असहमति की सहज अभिव्यक्ति नहीं थी, बल्कि सोच-समझ कर की गई तोड़फोड़ थी। क्यूआर कोड का उपयोग करके वैध प्रतिभागियों के वेश में एक सुरक्षित, अंतरराष्ट्रीय स्थल में प्रवेश करना, कपड़े उतारकर अश्लील नारे लगाना, सुरक्षा और बुनियादी शिष्टाचार दोनों का उल्लंघन है।

राहुल बोले- युवा कांग्रेस के बब्बर शेर कार्यकर्ताओं पर गर्व
राहुल गांधी ने कहा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन सांविधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार और ऐतिहासिक धरोहर है। यह हर भारतीय के खून में है। मुझे युवक कांग्रेस बब्बर शेर कार्यकर्ताओं पर गर्व है, जिन्होंने समझौता कर चुके प्रधानमंत्री के विरुद्ध साहस के साथ देश हित में अपनी आवाज बुलंद की। मौजूदा सरकार ने देश हित के साथ समझौता किया है। उदयभान चिब के खिलाफ कार्रवाई तानाशाही सोच और कायरता की निशानी और लोकतंत्र की हत्या है। सत्ता को सच का आईना दिखाना, अपराध नहीं देश भक्ति है।

और पढ़े  सीबीएसई साइबर हमलों के बीच भी जारी रही CBSE की सेवाएं, री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर अब तक 56 हजार से अधिक आवेदन

Spread the love
  • Related Posts

    केंद्रीय कैबिनेट में सात संकल्प समेत कई बड़े फैसले, वैष्णव ने बताया- अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 को मंजूरी, अन्य फैसले क्या?

    Spread the love

    Spread the loveकेंद्र सरकार ने शहरी विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को रफ्तार देने के लिए अहम कदम उठाए हैं। केंद्रीय कैबिनेट की हालिया बैठक में कई बड़े और दूरगामी…


    Spread the love

    PM मोदी के नाम 5वां कीर्तिमान, जानें क्या उपलब्धि हासिल की, नेहरू-इंदिरा के ये दो रिकॉर्ड अभी दूर

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी ने आज एक और कीर्तिमान अपने नाम किया। लगातार 4399 दिनों से पीएम का पदभार संभाल रहे मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू को…


    Spread the love