अमेरिका के केंद्रीय बैंक के गवर्नर स्टीफन मिरान ने व्हाइट हाउस में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह अब व्हाइट हाउस की आर्थिक सलाहकारों की परिषद (सीईए) के चेयरमैन नहीं रहेंगे। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।
सितंबर 2025 में स्टीफन मिरान की हुई थी नियुक्ति
दरअसल में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल सितंबर महीने में स्टीफन मिरान को फेडरल रिजर्व के सात सदस्यीय बोर्ड में नियुक्त किया था। यह नियुक्ति तब हुई, जब पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की तरफ से नियुक्त गवर्नर एड्रियाना कुगलर ने अचानक इस्तीफा दे दिया था। मिरान ने कुगलर का कार्यकाल पूरा किया, जो 31 जनवरी को खत्म हुआ। हालांकि उनका कार्यकाल खत्म हो गया है, लेकिन जब तक सीनेट किसी नए गवर्नर की पुष्टि नहीं कर देती, तब तक मिरान फेड बोर्ड में बने रह सकते हैं।
क्या थी विवाद की वजह?
फेड एक गैर-राजनीतिक संस्था मानी जाती है। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति व्हाइट हाउस की नौकरी छोड़कर ही फेड में जाता है। लेकिन मिरान ने व्हाइट हाउस की नौकरी छोड़ी नहीं थी, बल्कि बिना वेतन छुट्टी पर थे। इसी वजह से इस व्यवस्था पर सवाल उठे। स्टीफन मिरान ने पहले ही सीनेट से वादा किया था कि अगर वह 31 जनवरी के बाद फेड बोर्ड में बने रहते हैं, तो वे सीईए से इस्तीफा दे देंगे। अब उन्होंने वही किया है।
आगे क्या हो सकता है?
इस पूरे घटनाक्रम से फेडरल रिजर्व में बड़े बदलावों की अटकलें तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने केविन वार्श को मौजूदा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह लेने के लिए नामित किया है। जेरोम पॉवेल का चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 15 मई को खत्म हो रहा है। लेकिन फेड के नियमों में एक ‘तकनीकी रास्ता’ है, जिसके तहत पॉवेल चाहें तो बोर्ड में बने रह सकते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि केविन वार्श पहले स्टीफन मिरान की सीट लेंगे और फिर मई में उन्हें फेड चेयरमैन बनाया जा सकता है।








