साल 2026 के रक्षा बजट में कुल 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। रक्षा मंत्रालय के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 78 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वहीं रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए 21 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी। जबकि रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यकताओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण के लिए आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।
पिछले साल मई महीने में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है। इस बजट में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आईं कमियों को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वहीं रक्षा बलों को कैपिटल आउटले बजट के तहत आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे।
तकनीक को और अधिक सुदृढ़ करना लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य भारत की रक्षा शक्ति और तकनीक को और अधिक सुदृढ़ करना है। यह कदम देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम सेना तैयार करने के लिए उठाया गया है। अर्थव्यवस्था में रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने का भी यह प्रयास है। वहीं बजट के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।’
रक्षा सिविल, रेवेन्यू और पेंशन का कैसा रहा बजट?
बता दें कि रक्षा मंत्रालय (सिविल) का बजट मामूली घटकर ₹28,554.61 करोड़ हो गया है, जिसमें 0.45% की कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत, रक्षा सेवाओं (राजस्व) का बजट बढ़कर ₹3,65,478.98 करोड़ हो गया है, जो 17.24% की वृद्धि दर्शाता है। रक्षा पूंजीगत व्यय में सबसे अधिक 21.84% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹2,19,306.47 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, रक्षा पेंशन का आवंटन 6.53% बढ़कर ₹1,71,338.22 करोड़ हो गया है। कुल मिलाकर, बजट में रक्षा क्षमता और आधुनिकीकरण पर खास जोर दिखता है।
बजट 2024-25 और 2025-26 में कैसा था बजट?
बजट 2024-25 में रक्षा क्षेत्र के लिए 6,21,940 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। इस तुलना से स्पष्ट है कि 2025-26 में रक्षा बजट में लगभग 9.5% की वृद्धि की गई है, जो सेना के आधुनिकीकरण की निरंतरता को दर्शाता है। 2024 में, रक्षा मंत्रालय ने ₹1.26 लाख करोड़ का अब तक का सबसे उच्च स्वदेशी उत्पादन और ₹21,083 करोड़ का रक्षा निर्यात दर्ज किया था।







