ग्लोबल फायरपावर2026: भारत चौथी बड़ी सैन्य शक्ति, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान 14वें नंबर पर

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दुनिया में 52 सक्रिय सैन्य संघर्षों के बीच ग्लोबल फायरपावर ने साल 2026 की सैन्य शक्ति रैंकिंग जारी कर दी है। कुल 145 देशों की पारंपरिक युद्ध क्षमता का विश्लेषण करने वाले इस दस्तावेज में भारत ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है।

सैन्य शक्ति में अमेरिका नंबर-1
अमेरिका 0.0741 स्कोर के साथ दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बना हुआ है। इसके बाद 0.0791 के स्कोर के साथ रूस दूसरे और 0.0919 के साथ चीन तीसरे स्थान पर बरकरार है। इन तीनों देशों के पास सबसे ज्यादा रक्षा संसाधन हैं। भारत 0.1346 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर बरकरार है। अपनी विशाल सैन्य शक्ति, रक्षा क्षेत्र में बढ़ते स्वदेशीकरण और रसद क्षमताओं के कारण भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है। दक्षिण कोरिया ने अपनी सैन्य तकनीक और स्वदेशी उत्पादन के दम पर इस सूची में 5वां स्थान हासिल किया है।
12वें स्थान से 14वें स्थान पर फिसला पाकिस्तान
इस रैंकिंग में पाकिस्तान के नीचे जाने का सिलसिला जारी है। साल 2024 में पाकिस्तान 9वें स्थान पर था। जबकि पिछले साल यानी 2025 में 12वें स्थान पर चला गया। 2026 की ताजा रैंकिंग में फिसल कर पाकिस्तान 14वें स्थान पर पहुंच गया है। आर्थिक संकट और आधुनिकीकरण की सीमित रफ्तार के कारण पाकिस्तान के स्थान में बड़ी गिरावट आई है। पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य ढांचे और साजोसामान के भारी नुकसान के कारण भी पाकिस्तान की हालत पतली हुई है।

60 से अधिक कारकों पर तय की जाती है रैंकिंग
सैन्य शक्ति का आकलन करते समय ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स केवल हथियारों की संख्या नहीं देखता, बल्कि यह गणना 60 से अधिक कारकों के विश्लेषण पर आधारित होती है।

क्या है किसी देश की ताकत मापने का तरीका?

  • ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स (जीएफपी) में किसी देश की ताकत उसके स्कोर पर निर्भर होती है। जिस देश का स्कोर जितना ज्यादा होता है, उसकी ताकत उतनी ही कम आंकी जाती है। यानी 0.0000 का स्कोर सबसे शानदार माना जाता है। इसके बाद जैसे-जैसे यह स्कोर बढ़ता रहता है, वैसे ही देशों की ताकत कम मानी जाने लगती है।
  • इन देशों को यह स्कोर उनकी सेनाओं के संख्याबल, हथियारों की ताकत, लॉजिस्टिक्स लाने-ले जाने की क्षमताएं, भौगोलिक स्थिति और आर्थिक शक्ति के आधार पर दिया जाता है।
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