योजना ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल – पूर्व सांसद
अयोध्या विधानसभा क्षेत्र के अलावलपुर तथा बीकापुर क्षेत्र के लुत्फाबाद बछौली में आयोजित किसान एवं श्रमिक चौपाल में पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने केंद्र सरकार की विकसित भारत जी राम जी योजना की उपलब्धियों की चर्चा किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल है। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत जहां केवल 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब जीरामजी योजना के माध्यम से इसे बढ़ाकर प्रति वर्ष 125 दिनों का गारंटी युक्त रोजगार कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की आय और सुरक्षा दोनों मजबूत हुई हैं। उन्होंने कहा कि योजना की एक बड़ी उपलब्धि तेज मजदूरी भुगतान व्यवस्था है। अब मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया गया है। यदि किसी कारण से भुगतान 15 दिनों से अधिक विलंबित होता है, तो मजदूरों को ब्याज सहित अतिरिक्त मजदूरी देने का प्रावधान है, जिससे श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित हुए हैं।
पूर्व सांसद ने बताया कि जीरामजी योजना के लिए रिकॉर्ड बजट आवंटन किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति केंद्र सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। इस योजना का उद्देश्य केवल अस्थायी रोजगार देना नहीं, बल्कि टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना जैसे सड़क, जल संरक्षण और आजीविका के स्थायी साधन तैयार करना है, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनें।
महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि योजना में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण को प्राथमिकता दी गई है। बायोमेट्रिक प्रणाली और डिजिटल रिकॉर्डिंग के जरिए मजदूरी का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हो रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगी है।
चौपाल में पूर्व जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, परमानंद मिश्र, राघवेन्द्र पाण्डेय, तिलकराम मौर्या, डा राकेश मणि त्रिपाठी, रामप्रीत वर्मा, नगर पंचायत चेयरमैन राकेश पाण्डेय राना, दिनेश वर्मा, कपिल देव वर्मा, अनिल उपाध्याय, शारदा यादव, कालिका सिंह, राकेश यादव, राम बहादुर निषाद, मोनू पाण्डेय, शिवम सिंह, शिव कुमार सिंह, राजन पाण्डेय, भारत श्रीवास्तव, आदित्य पाण्डेय विमलेश आजाद प्रधान, पूर्व प्रधान योगेश मिश्र सहित बडी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।







