Tips: थायराइड रोगी भूलकर भी न करें इन 4 चीजों का सेवन..! वरना बढ़ जाती है परेशानी

Spread the love

 

थायराइड की समस्या आजकल एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है, जिससे हमारे देश की एक बड़ी आबादी प्रभावित है। थायराइड गर्दन में एक छोटी तितली जैसी ग्रंथि होती है, जो थायरॉइड हार्मोन का उत्पादन करती है। यह हार्मोन हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और शारीरिक तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब यह ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बनाती तो इस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं और जब हार्मोन का उत्पादन बहुत ज्यादा होता है इस स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म कहते हैं।

 

हमारे देश में ज्यादातर लोगों को हाइपोथायरायडिज्म की समस्या रहती है इसलिए आज हम विशेष रूप से हाइपोथायरायडिज्म की बात करेंगे। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ना, थकान और सुस्ती जैसी परेशानियां होती हैं। थायरॉइड के रोगियों के लिए दवाओं के साथ-साथ अपने आहार पर नियंत्रण रखना जरूरी है।

कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन में बाधा डालते हैं या आपकी दवाओं के अवशोषण को कम करते हैं, जिससे आपकी परेशानी और इलाज अप्रभावी हो सकता है। अगर कोई हाइपोथायरायडिज्म से परेशान है, तो उसे कुछ चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं…

गोइट्रोजेन युक्त क्रूसिफेरस सब्जियां
गोइट्रोजेन ऐसे कंपाउंड होते हैं जो थायरॉइड ग्रंथि द्वारा आयोडीन के उपयोग में बाधा डालते हैं, जिससे हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। हाइपोथायरायडिज्म में यह स्थिति और बिगड़ जाती है। इसलिए ऐसे मरीजों को पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली, केल और मूली जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों के सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और अच्छे से पकाकर ही करना चाहिए। ध्यान रखें अच्छी तरह से पकाकर ही खाएं क्योंकि पकाने से गोइट्रोजेन यौगिकों का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है।

और पढ़े  होर्मुज में बिगड़े हालात: ईरानी सेना ने भारत आ रहे इस जहाज को बनाया बंधक, 3 पर की गोलीबारी

 

सोया उत्पाद
सोयाबीन और इससे बने उत्पादों (जैसे टोफू, सोया मिल्क, सोया सॉस) में आइसोफ्लेवोन्स नामक कंपाउंड होते हैं। ये कंपाउंड थायरॉइड की दवा के अवशोषण में बाधा डालते हैं। इसलिए हाइपोथायरायडिज्म के रोगियों को अपनी दवा लेने के कम से कम चार घंटे बाद ही सोया उत्पाद खाने चाहिए।

 

अत्यधिक चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स
हाइपोथायरायडिज्म की वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और वजन आसानी से बढ़ जाता है। ऐसे में अत्यधिक चीनी (मिठाई, सोडा) और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। ये खाद्य पदार्थ न सिर्फ आपका वजन तेजी से बढ़ाते हैं, बल्कि शरीर में सूजन भी पैदा करते हैं। यह सूजन थायरॉइड की समस्याओं को बढ़ा सकती है और मरीज को और अधिक थका हुआ महसूस करा सकती है।

 

 

कैफीन का सीमित सेवन
हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों को चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थों में मौजूद कैफीन का सेवन सीमित करना चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दवा लेने के बाद कम से कम एक घंटे तक कैफीन वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।

शराब से पूरी तरह बचें
हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। शराब का सीधा प्रभाव लिवर पर पड़ता है, जो थायरॉइड हार्मोन (T3 और T4) को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शराब थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन और उनके सही तरह से काम करने में गंभीर बाधा डालती है। इससे आपकी पहले से मौजूद थकान, वजन बढ़ने और सुस्ती जैसी समस्याएं बहुत अधिक बिगड़ सकती हैं।

और पढ़े  होर्मुज में गहराएगा संकट?- पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना की बड़ी तैनाती, खाड़ी पहुंचा USS बुश

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।


Spread the love
  • Related Posts

     राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी में चली गोली,पकड़ा गया हमलावर, ट्रंप बोले- सुरक्षाकर्मियों ने अच्छा काम किया

    Spread the love

    Spread the loveवॉशिंगटन के हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस डिनर के दौरान अचानक हुई गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। हालात बिगड़ते ही ट्रंप को तुरंत सुरक्षित स्थान…


    Spread the love

    झुग्गी-झोपड़ी में रहने और ईंट-भट्टे में काम करने वाले बच्चों पर फोकस करेगी सरकार, 1 मई से चलेगा अभियान

    Spread the love

    Spread the love प्रदेश में एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि 6 से 14 साल का…


    Spread the love