एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम ने गुरुवार को पकड़े गए 14 बांग्लादेशियों से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए है। 14 आरोपियों में से दो आरोपी ऐसे हैं जोकि 19 साल पहले सुरंग के रास्ते से भारत में प्रवेश किया। तभी से गुरुग्राम में रहकर दिहाड़ी मजदूरी कर रहे रहे हैं। भारत में खुद घुसपैठ करने के बाद उसने अपने अन्य साथियों के साथ सिर्फ संपर्क नहीं साधा, उसी सुरंग से उन्हें भी भारत में प्रवेश दिलवा दिया। इसके बाद एक-एक करके 12 अन्य घुसपैठिये भी भारत में प्रवेश कर गए।
आठ तो इसी साल आए
सभी बांग्लादेशी इसके बाद गुरुग्राम में अलग-अलग झुग्गियों में रहकर मजदूरी का काम करना शुरू कर दिया। एटीएस से पूछताछ के दौरान अनवर हुसैन ने बताया कि वह और राजू उर्फ आलम 2007 में सुरंग से भारत में प्रवेश किया था। इसके बाद बाकियों ने भी प्रवेश करना शुरू कर दिया। इसी साल आठ बांग्लादेशी सुरंग के रास्ते आए थे।
झुग्गियों में रहकर कर रहे थे आरएमसी पाइपलाइन में काम
पकड़े गए बांग्लादेशी में से ज्यादातर झु़ग्गियों में रहकर एक ही श्रेणी के काम में शामिल हो गए। एटीएस की जांच में सामने आया है कि ज्यादातर बांग्लादेशी रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) पाइपलाइन में काम करते थे। एटीएस यह भी जानने का कोशिश कर रही है कि यह सिर्फ आरएमसी में ही क्यों काम कर रहे थे।
संदिग्ध की सूचना पुलिस को दें
गुरुग्राम पुलिस की ओर से सभी नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध अथवा अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही अपने किराएदारों, घरेलू सहायकों, कर्मचारियों एवं होटल/व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं। यदि आपके आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति रहता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 अथवा निकटतम पुलिस थाना को दें। आमजन की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभियान जारी रहेगा।







