पूर्णिया : जिले में लगातार हो रही हत्या..

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पूर्णिया जिले में भूमि विवाद दिनों दिन गहराता जा रहा है । यही वजह है कि कई रिश्तो में भी जमीनी विवाद की वजह से दरार आ गए हैं ।आए दिन स्थानीय थाना के पुलिस को भी जमीन विवाद के ही मामले को सुलझाने में अधिक पुलिसकर्मियों को लगाना पड़ रहा है । इस तरह के भूमि विवाद को देखते हुए सरकार के द्वारा प्रत्येक शनिवार को सभी थाना में जनता दरबार लगाकर भूमि विवाद से मामले का निपटारा भी किया जा रहा है। बताया जाता है कि जिले में लगातार हो रही हत्या में भी अधिकांश मामले जमीन विवाद के सामने आ रहे हैं। भूमि विवाद पुलिस के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद भी भूमि विवाद के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहा है।  बड़ी खबर पूर्णिया जिला के कसबा थाना क्ष्रेत्र से आ रही है जहाँ
खेत जोतने की शिकायत कर थाना से लौटने के क्रम में शख्स को गोलियों से भूना, आधा दर्जन
इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के पूर्णिया जिले से आ रही है। कसबा थाना क्षेत्र के अंतर्गत संब्दलपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर खेत जोतने एवं धमकी दिए जाने को लेकर दयानंद ठाकुर द्वारा कसबा थाना में आवेदन देने के बाद घर वापसी के समय अपने घर से 1 किलोमीटर पहले विवादित जमीन के नजदीक पहले से घात लगाए कुछ लोगों ने मोटरसाइकिल सवार दयानंद ठाकुर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। 3 गोली दयानंद के सीने में लगी। वह घटनास्थल पर ही गिर कर दम तोड़ दिया। गोलियों की आवाज से गांव के लोग दौड़े और दयानंद को उठाकर आनन-फानन में सदर अस्पताल ले गए, जहां जाने के क्रम में वह दम तोड़ दिया
घटना की सूचना मिलने के बाद कसबा पुलिस थाना अध्यक्ष अमित कुमार के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर अनुसंधान करना शुरू कर दिया। कहा जाता है उक्त जमीन पर टाइटल सूट चल रहा था। तथा घटनास्थल पर खून से सनी लाठी, शराब और चाकू भी बरामद हुआ है। घटना के संबंध में कहा जाता है दयानंद एवं उसके चचेरे भाई नरेश ठाकुर के परिवार में 18 एकड़ जमीन को लेकर बराबर संघर्ष होते रहता था ।कई बार  खूनी संघर्ष भी हुए थे। इसी विवाद में दयानंद ठाकुर के परिवार का अभिनंदन ठाकुर की भी हत्या 1 वर्ष पहले हो गई थी, जैसा कि दयानंद ठाकुर के पुत्र जयनंदन ठाकुर ने बताया। जमीनी विवाद में कई बार पंचायती बैठी थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। दो दिन पहले नरेश ठाकुर की तरफ से दयानंद ठाकुर को जान से मारने की धमकी भी मिला था।
रविवार को इसी सिलसिले में दयानंद ठाकुर  सनाह देने के लिए कसबा थाना गए हुए थे। इतने में उन्हें घर से सूचना मिली कि खेत को जोता जा रहा है। दयानंद ठाकुर ने एक आवेदन कसबा थाना को दिया और कहा कि मेरे जमीन को जबरन जोत रहा है। उसे रोके। इसके बाद वह जल्दी-जल्दी में अपना घर की तरफ लौट गया और लौटने के क्रम में उनके ऐसा घटना घट गई। लोगों का कहना है कि अगर कसबा पुलिस भी समय पर आती तो घटना नहीं घटती। दयानंद ठाकुर की बेटी काजल कुमारी ने बताया कि नरेश ठाकुर पिताजी दयानंद ठाकुर को मारने के लिए बाहर से आदमियों को बुला कर रखे थे तथा घटनास्थल पर नरेश ठाकुर, प्रमोद ठाकुर, चंदन मिश्र, आशीष झा आदि बहुत सारे लोग जमा थे। उन्हीं की मौजूदगी में दयानंद ठाकुर की हत्या हुई ।इस संबंध में घटनास्थल पर डीएसपी आनंद पांडे भी पहुंचकर मुआयना किया और लोगों से जानकारी भी लिया तथा पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया एक भी अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे। लाश को पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया भेजा गया।

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