पूर्णिया : खेतों में उगे पारथेनियम के पौधे

पूर्णिया जिला के कसबा प्रखंड के प्राय:  ऊंचे स्थान वाले खेतों में पारथेनियम का पौधा उग आए हैं, जिससे किसानों को खेती करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रखंड के लगभग सौ हेक्टेयर भूमि में धान की खेती हो रही है। खेतों में उगे पारथेनियम के पौधे को किसानों द्वारा निकाला जा रहा है। यह खेतों में इस तरह फैला हुआ है कि लगता है कि खेतों में पौधा उग आया है। बिना पानी का पौधा काफी तेजी से बढ़ता है। इसमें फूल लगने के बाद वायु  परागण के द्वारा इसके बीज एक खेत से दूसरे खेतों में पहुंच जाते हैं और वहां पौधा का रूप ले लेते हैं। किसानों में मोहन जमादार ,अनिल चौरसिया, सुशील पंडित, मोहम्मद मन्नान आदि का कहना है कि इससे खेतों को जहां नुकसान हो रहा है वहीं इस को नष्ट करना भी काफी मुश्किल हो रहा है ।एक बार यह पौधा जिस खेत में उग जाता है उसके बाद दूसरे सालों में पुनः यह पौधे का रूप ले लेता है। यह पौधा काफी विषैला होता है, इससे खेत की उर्वरा शक्ति में कमी आती है।कहा जाता है कि पारथेनियम का पौधा इंदिरा गांधी के शासनकाल में अमेरिकाा से गेहूं आयात के क्रम म इसका बीज आया था।  कृषि सलाहकार अर्जुन सिंह कहते हैं यह पौधा आने वाले समय में काफी परेशानी देगी।                                             इस संबंध में  कृषि वैज्ञानिक डॉ सीमा कुमारी ने बताया कि पारथेनियम का पौधे में जिस समय फूल निकलता है उसी समय इस पौधे को नष्ट कर देने से यह फैलता नहीं है ।क्योंकि यह वायु परागण द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाता है । इसके प्रति किसानों को सचेत रहने की जरूरत है।

और पढ़े  श्रीगंगानगर में नकली घी के कारोबार का भंडाफोड़: 1.23 करोड़ रुपये का 17,868 लीटर घी जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार
  • Related Posts

    समुद्र में भारतीय नौसेना का शौर्य: समुद्री लुटेरों के चंगुल से 20 ईरानियों को बचाया, तेहरान ने कहा- शुक्रिया

    भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे में पहुंचे ईरान के मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ को मुक्त करा लिया है। इस अभियान में जहाज…

    चक्रवात मुरासु: आंध्र के तट से टकराया तूफान, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, ट्रेनें और फ्लाइट हुईं रद्द

    गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ 3 नवंबर 2026 को तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। ओंगोल के पास 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। कई…