दरिंदगी की हद पार : – 9 साल की बच्ची से रेप, सड़क पर फेंक हुआ फरार, 8 डॉक्टरों की टीम ने बचाई जान।।

नौ साल की मासूम से दुष्कर्म करन के आरोपी की तलाश में पुलिस ने जगह-जगह छापे मारे। उधर, बच्ची के पिता ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को काम देने वाले ने उसका पहचान पत्र तक नहीं ले रखा था जिसके कारण पहचान में देरी हुई। गुरुवार को होश में आने के बाद बच्ची ने पुलिस को अपने साथ हुई दर्दनाक घटना के बारे में बताया।
उसने बताया कि वह खेल रही थी। वहां खेतों में काम करने वाला राजेश आया। उसने पहले उसे कुछ खाने को दिया। उसके बाद कहा कि कुछ और खाना है तो उसके साथ जाना होगा। यह लालच देकर वह अपने साथ मोटर पर ले गया। वहां जाकर वह हैवान बन गया। उसकी हैवानियत से बच्ची की अंतड़ियां तक बाहर आ आईं। इसके बाद आरोपी उसे सड़क पर फेंक कर फरार हो गया। बच्चों ने बच्ची को सड़क पर कराहते सुना तो उसकी तरफ भागे और उसकी नानी-नाना को जानकारी दी। बुधवार देर रात आठ चिकित्सकों के पैनल ने बच्ची की सर्जरी की थी।
बच्ची का पिता भी हिमाचल से गुरुवार को जालंधर पहुंच गया। उसने रोते हुए कहा कि हम गरीब लोग हैं, इंसाफ मिलना चाहिए। जिस दरिंदे ने मेरी बेटी का यह हाल किया है, उसको फांसी की सजा दी जानी चाहिए। पुलिस कार्रवाई तो कर रही है लेकिन कलेजे को ठंडक तभी मिलेगी जब दरिंदे को फांसी की सजा होगी।
एसएसपी सतिंदर सिंह ने बताया कि बच्ची बिहार की रहने वाली है और उसके पिता हिमाचल के हमीरपुर में मजदूरी करते हैं। बच्ची अपने भाइयों के साथ पांच दिन पहले ही अपने नाना-नानी के पास आई थी। राजेश बच्ची को टॉफी चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले गया था। पुलिस के लिए दिक्कत यह थी कि राजेश कहां से आया था, इसकी जानकारी नहीं मिल रही थी। 

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जहां वह काम करता था उसके मालिक ने उसका कोई पहचान पत्र भी नहीं लिया था। दोपहर बाद पता चला कि वह झारखंड का रहने वाला है। पुलिस ने राजेश के कई साथियों को थाना लाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी के कुछ रिश्तेदार पंजाब में मजदूरी करने आए हैं। पुलिस की टीमों को रवाना किया गया है और उसकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
एसएसपी सतिंदर सिंह ने बताया कि बच्ची बिहार की रहने वाली है और उसके पिता हिमाचल के हमीरपुर में मजदूरी करते हैं। बच्ची अपने भाइयों के साथ पांच दिन पहले ही अपने नाना-नानी के पास आई थी। राजेश बच्ची को टॉफी चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले गया था। पुलिस के लिए दिक्कत यह थी कि राजेश कहां से आया था, इसकी जानकारी नहीं मिल रही थी।
जहां वह काम करता था उसके मालिक ने उसका कोई पहचान पत्र भी नहीं लिया था। दोपहर बाद पता चला कि वह झारखंड का रहने वाला है। पुलिस ने राजेश के कई साथियों को थाना लाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी के कुछ रिश्तेदार पंजाब में मजदूरी करने आए हैं। पुलिस की टीमों को रवाना किया गया है और उसकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

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