उत्तराखंड : हिमस्खलन की चपेट में आने से 10 पर्वतारोही लापता, राहत-बचाव टीम रवाना ।

शुक्रवार सुबह दल चोटी के समिट के लिए आगे बढ़ा
वायुसेना का दल करीब 15 दिन पहले 7,120 मीटर ऊंची त्रिशूल चोटी के आरोहण के लिए गया था। शुक्रवार सुबह दल समिट के लिए आगे बढ़ा तो इसी दौरान हिमस्खलन हो गया। जिसकी चपेट में वायु सेना के पर्वतारोही आ गए। 

इस संबंध में निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने बताया यह घटना शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब हुई है। वायुसेना के करीब 10 पर्वतारोही हिमस्खलन की चपेट में आए हैं और लापता चल रहे हैं। 

चमोली में है माउंट त्रिशूल
माउंट त्रिशूल चमोली जनपद की सीमा पर स्थित कुमांऊ के बागेश्वर जनपद में है। इस चोटी के आरोहण के लिए चमोली जनपद के जोशीमठ और घाट से पर्वतारोही टीमें जाती हैं। वायु सेना के पर्वतारोहियों की टीम भी घाट होते हुए त्रिशूल के लिए गई थी। तीन चोटियों का समूह होने के कारण इसे त्रिशूल कहते हैं।

उत्तराखंड के माउंट त्रिशूल के आरोहण के लिए गया वायुसेना का दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया है। जिसमें करीब 10 पर्वतारोही लापता बताए जा रहे हैं।

वायुसेना के दस पर्वतारोही लापता, निम से रेस्क्यू टीम रवाना
जानकारी के मुताबिक माउंट त्रिशूल के आरोहण के दौरान हिमस्खलन आने से वायुसेना का पर्वतारोही दल इसकी चपेट में आ गया है। हिमस्खलन की चपेट में आने से दस पर्वतारोही लापता बताए जा रहे हैं। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से  राहत-बचाव टीम कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में त्रिशूल चोटी के लिए रवाना हो गई है।

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