उत्तराखंड : जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर किसान बैठे धरने पर, ‘जाम’ हुई राजधानी ।

तीनों कृषि कानून वापस करने सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर किसानों ने शनिवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुंकार भरी। सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर प्रदर्शन के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उनके वाहनों को पटेलनगर बाजार चौकी पर रोक दिया। यहां से किसान पैदल ही डीएम ऑफिस पहुंचे। इस दौरान भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। पित्थूवाला से जैसे ही किसानों का काफिला पटेलनगर पहुंचा तो बाजार चौकी के पास पुलिस ने उनके ट्रैक्टर और वाहनों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। बाद में किसान चौकी के पास अपने ट्रैक्टर और वाहन छोड़कर पैदल ही डीएम कार्यालय पहुंच गए। वहां भी यूनियन के कार्यकर्ताओं की पुलिस ने काफी नोकझोंक हुई। करीब तीन घंटे प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। कहा कि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो यूनियन उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने, गन्ने का मूल्य  650 रुपये प्रति कुंतल किए जाने सहित 19 सूत्री मांगों को लेकर भाकियू तोमर ने डीएम ऑफिस कूच किया।
इससे पहले सुबह करीब ग्यारह बजे यूनियन के कार्यकर्ता पित्थूवाला स्थित यूनियन के जिला कार्यालय में एकत्रित हुए। वहां से ट्रैक्टरों और वाहनों में सवार होकर डीएम कार्यालय के लिए कूच किया।
पटेलनगर बाजार चौके पास पुलिस ने उनके वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया। बाद में किसान अपने वाहनों को वहीं सड़क पर छोड़ गए और पैदल ही डीएम ऑफिस की ओर निकल गए।
वाहनों के बीच सड़क पर छोड़ने के कारण पटेलनगर में दोनों तरफ जाम लग गया। बाद में पुलिस ने खुद ही उनके ट्रैक्टर और वाहनों को सड़क से किनारे किया।

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