उत्तराखंड : इस बार भी फूलों की घाटी खुलने पर बना संशय, हर वर्ष 1 जून को खुलती है घाटी.

फूलों की घाटी इस वर्ष भी हजारों रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से सुशोभित रहेगी, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते घाटी देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए खुल पाएगी या नहीं, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। प्रतिवर्ष एक जून को फूलों की घाटी खुलती है और 31 अक्तूबर को बंद हो जाती है। कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2020 में एक जून को घाटी तो खुली, लेकिन पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। अपनी भौगोलिक विशेषता के कारण फूलों की घाटी विश्व विख्यात है। यहां लगभग 500 प्रजाति के हजारों फूल खिलते हैं। चारों ओर से हिमाच्छादित चोटियों के बीच स्थित फूलों की घाटी में जब पर्यटक प्रवेश करते हैं तो यहां वे सुकून महसूस करते हैं। पर्यटक फूलों के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों, परिंदों व जड़ी-बूटियों से भी रूबरू होते हैं। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण फूलों की घाटी तो समय से खुली लेकिन यहां पर्यटकों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद एक अगस्त से 31 अक्तूबर तक फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोली गई तो 932 पर्यटक घाटी के सौंदर्य को निहारने पहुंचे थे। इनमें 11 विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। इस बार एक जून को फूलों की घाटी खुलेगी या नहीं इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

केंद्र सरकार ने 25 मई तक सभी संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाई थी। फूलों की घाटी को खोलने के लिए आगे सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इसका इंतजार है। फूलों की घाटी में फूलों का खिलना शुरू हो गया है।
घाटी के प्रवेश द्वार से ही फूल खिले हुए हैं। घाटी में कई दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव भी शीतकाल में विचरण करते हैं और वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए घाटी में ट्रैप कैमरे लगाए जाते हैं।

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