इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: UP किराया कानून के 5 प्रावधान रद्द, नहीं ली राष्ट्रपति की मंजूरी, 1972 का कानून लागू

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम-2021 की 5 महत्वपूर्ण धाराओं 8, 9, 10, 38 और 42 को असांविधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा, कानून के कई प्रावधान केंद्रीय कानूनों- संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 और प्रांतीय लघु वाद न्यायालय अधिनियम, 1887 के विपरीत हैं। ऐसे मामलों में राष्ट्रपति की पूर्व सहमति जरूरी थी, जो नहीं ली गई। इसी आधार पर जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कानून की पांच महत्वपूर्ण धाराओं को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इंद्र भूषण साहनी एवं अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।

लोगों पर क्या होगा असर  
धारा 8 के तहत मकान मालिक व किरायेदार के बीच किराया तय होने का प्रावधान था। वहीं, धारा 9 किरायेदारी समझौते की शर्तों के आधार पर किराया बढ़ाने या संशोधित करने का प्रावधान करती थी। इसके तहत आवासीय संपत्ति के लिए सालाना 5% और गैर-आवासीय (व्यापारिक) संपत्ति के लिए 7% तक किराया बढ़ाने के नियम तय थे।
1972 का कानून लागू 
कोर्ट ने कहा कि 2021 के कानून के प्रमुख प्रावधान रद्द होने के बाद उत्तर प्रदेश शहरी भवन (किराये पर देने, किराया और बेदखली का विनियमन) अधिनियम, 1972 स्वतः प्रभावी हो जाएगा। किराया और बेदखली अधिकारों का निर्धारण पुराने कानून व केंद्रीय कानूनों के तहत होगा।
और पढ़े  एयर शो: काशी-चंदौली के गंगा तटों पर लाखों लोगों ने देखा सेना का शौर्य, PM मोदी ने दी सलामी, छतों पर भी भीड़
  • Related Posts

    मेरठ- बड़ा हादसा: बच्चों से भरी स्कूल बस पलटी, 10 से अधिक बच्चे घायल, चालक हुआ फरार

    मेरठ के रोहटा क्षेत्र में बुधवार सुबह बच्चों से भरी स्कूल बस पलट गई। चिंदौड़ी-अमानुल्लाहपुर मार्ग पर हुए हादसे में करीब दर्जनभर बच्चे घायल हो गए। सूचना मिलने पर रोहटा…

    UP MLC Election- लखनऊ-बरेली में खिला कमल, मेरठ में दोनों सीटें BJP के नाम, वाराणसी में सपा जीती

    उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना चल रही है। लखनऊ शिक्षक खंड में भाजपा के उमेश द्विवेदी लगातार तीसरी बार जीते गए हैं। यहां पर नंबर दो…