रामनगरी अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर के अंदर रामलला के अस्थाई मंदिर में 498 वर्षों के बाद पहली बार भगवान राम चांदी के झूले पर विराजमान हुये हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 21 किलो चांदी से भगवान श्रीराम का झूला बनवाया है।आज नाग पंचमी के अवसर पर चांदी के झूले में रामलला अपने भाईयों सहित विराजमान हुये।आज से सावन की पूर्णिमा तक रामलला चांदी के झूले में राम भक्तों को दर्शन देंगे।रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि आज रामलला को चारों भाईयों सहित चांदी के झूले में विराजमान किया गया है अब से सावन की पूर्णिमा तक भक्तों को चांदी के झूले पर विराजमांन रामलला के दर्शन प्राप्त होंगे।इसी के साथ रामलला को कजरी गीत भी सुनाये जाने की वयवस्था की गई है।श्री रामजन्मभूमि परिसर में श्रावण मास के पंचमी तिथि से सावन झूला उत्सव का प्रारंभ हो गया। अयोध्या में प्राचीन काल से ही श्रावण मास में सभी मठ मंदिरों में भगवान को विशेष झूले पर झूला झूलाने की परंपरा रही है। वहीं वर्षों से टेंट में विराजमान रहे भगवान श्री रामलला को लकड़ी के झूले पर झूला झुलाए जाने अनुमति मिली थी। इस बार भगवान के भव्य मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद अब राम जन्मभूमि परिसर में भी सभी उत्सवों को भव्यता के साथ मनाए जाने की तैयारी है। इसलिए इस बार राम मंदिर ट्रस्ट ने भगवान श्री रामलला के लिए चांदी का विशेष पालना तैयार करवाया जिस पर आज श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि पर भगवान रामलला को भाईयों सहित झूले पर विराजमान कराने के साथ उत्सव प्रारम्भ हो गया है जो कि श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि यानि 22 अगस्त को समाप्त होगा।वहीं रामवललभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास का कहना है कि लगभग पाँच सौ वर्षों के अनवरत संघर्ष के बाद यह अवसर आया है जब भगवान की जन्मभूमि में हिंदू धर्म की सारी परम्परायें विधिवत धूमधाम से मानायी जाने लगीं हैं । भगवान रामलला का भाईयों सहित चांदी के झूले में विराजमान होना बहुत ही सुखद अनुभव है। इसके लिये ट्रस्ट के सभी सदस्यों का ह्दय से आभार व्यक्त करता हूँ और बधाई देता हूँ। श्रावण मास में भगवान को झूले पर झुलाने की जो परम्परा है उसका मुख्य उद्देशय है कि भक्त भगवान की भक्ति में डूब कर आनंद प्राप्त कर सकें। भगवान रामलला के लिये भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही भगवान अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो सकेंगे।https://newbharat.net.in/wp-content/uploads/2021/08/VID-20210813-WA0016.mp4








