अयोध्या : राम मंदिर के गर्भग्रह में दिखाई देगा एक खास तरह का पत्थर

धार्मिक नगरी अयोध्या में मंदिर निर्माण की समय सीमा तय की जाने के साथ राममंदिर निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले पत्थरों का भी आकलन तैयार कर लिया गया है। मंदिर के गर्भग्रह से लेकर परकोटा निर्माण तक में 4 प्रकार की पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा। जिसमें गर्भगृह की चौखट पर मकराना के उच्च कोटि का सफेद मार्बल की चमक दिखाई देगी। जहां दर्शन करने वाले भक्तों अपना माथा टेकेंगे। दरसअल राममंदिर निर्माण से लेकर सुरक्षा में बनने वाले परकोटा की दीवारों को लेकर चार प्रकार के पात्रों का प्रयोग किया जाएगा जिसमें नींव निर्माण के बाद 16 फुट ऊंची बेस प्लिंथ के लिए मिर्जापुर स्टोन लगाए जाएंगे जिसे पानी रिसाव से बचाने के लिए प्लिंथ के चारों तरफ 3 लेयर में ललितपुर के ग्रेनाइट बिछाए जाएंगे। जिस पर तीन मंजिले की 161 फुट ऊंची शिखर की मंदिर का निर्माण राजथान के बंसी पहाड़पुर के पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा। तो वहीं मंदिर के गर्भगृह के द्वार मकराना का उच्च कोटि सफेद मार्बल से बनेगा जिसकी तैयारी की जा रही है। मंदिर निर्माण के साथ मंदिर की सुरक्षा के लिए भूमि के 12 फुट अंदर रिटर्निंग वाल पर जोधपुर के स्टोन से परकोटा का निर्माण किया जाएगा। श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक भगवान श्री रामलला के गर्भगृह के दीवार व खिड़की को बनाए जाने के लिए राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा लेकिन मंदिर के गर्भगृह का चौखट मकराना के सफेद मार्बल का होगा। तो वहीं 2025 तक राम जन्मभूमि परिसर में विभिन्न प्रकार की योजनाओं से बनने वाले भवनों को विकसित कर दिया जाएगा।

और पढ़े  UP- सपा नेता का कत्ल: कार में बैठते समय मारी गोली, धुंधली फुटेज पुलिस के लिए चुनौती
  • Related Posts

    स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर HC सख्त:- DM और मुख्य सचिव को दिया ये आदेश, एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट

    हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा…

    UP में जमीन से बेदखल होने के डर में किसान,जमीन से बेदखल होने के भय में तराई के किसान, पीढ़ियों से खेती कर रहे सिखों का…

    उत्तराखंड बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक फैले तराई के विशाल कृषि क्षेत्र में इन दिनों गहरी बेचैनी है। देश का बंटवारा, 84 के दंगे और आतंकवाद का दौर सह चुके…