उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए गाँव गाँव सामुदायिक शौचालयो का निर्माण के लिए योजना लागू कर दी। लेकिन सरकार के कर्मचारी इस योजना में पलीता लगाने में लगे हुए है। क्योकि सामुदायिक शौचालय गाँव गाँव बन तो गए हैं लेकिन उनका संचालन अभी तक नही हो पाया है। ऐसे में इन शौचालयो के लिए ग्रामीणों का कहना है। कि ये हाथी के दाँत साबित हो रहे है।
कस्बा आटा, ग्राम भदरेखी, ग्राम तगारेपुर, ग्राम अकबरपुर इटौरा, ग्राम उकासा , ग्राम ददरी में सामुदायिक शौचालय बना हुए है। और इनमें से प्रत्येक शौचालय की लागत लगभग 6 लाख रुपये है। एक गाँव मे 6 लाख रुपये खर्च करने के बाबजूद भी इन शौचालयों का लाभ ग्रामीणों को नही मिल पा रहा है। और इन शौचालयों का निर्माण तो हो गया है। लेकिन इन सभी शौचालयों में ताला पड़ा हुया है।
शौचालयों में पानी की टंकी और शौचालयों के अंदर पानी की टोटी भी लग गयी है। लेकिन अभी तक इन शौचालयों में पानी की कोई व्यवस्था नही की गई है।









