
अंतरराष्ट्रीय मोटो जीपी रेस इस वर्ष ग्रेटर नोएडा के बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट पर नहीं होगी। दो साल पहले इस रेस का आयोजन कराने वाला यूपी देश का पहला राज्य था। पिछले वर्ष इसे कराने वाली डोर्ना स्पोर्ट्स के साथ तीन वर्ष 2025, 2026 और 2027 के लिए करार हुआ था। मगर रेस के आयोजन के लिए 100 करोड़ रुपये कॉरपोरेट सोशल रिस्पान्सबिलिटी फंड से न आने के कारण इस वर्ष निरस्त कर दिया गया है।
बता दें कि रेस का आयोजन नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण को संयुक्त रूप से करना था। इसके लिए पिछले साल जुलाई में लखनऊ में डोर्ना स्पोर्ट्स एसएल और इन्वेस्ट यूपी के बीच अनुबंध हुआ था। इस आयोजन पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। इसमें डोर्ना स्पोर्ट्स को 80 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस का भुगतान शामिल था।
प्रदेश की कंपनियों से स्पॉन्सरशिप के जरिये आयोजन का खर्च जुटाने का प्रस्ताव था। इस मद में एक एस्क्रो खाता खोलने पर सहमति बनी थी। इसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण तीनों को 12.5-12.5 करोड़ रुपये जमा कराने थे। भव्य आयोजन के लिए समिति का गठन भी हो गया था।
शासन के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आयोजन को लेकर निर्णय लिया गया कि 100 करोड़ रुपये सीएसआर फंड से जुटाए जाएंगे, लेकिन ये आयोजन सीएसआर के दायरे में न आने की वजह से ठंडे बस्ते में चला गया है।
दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा देखे जाने वाला इवेन्ट
रोमांच से भरा मोटो जीपी रेस दुनिया का 5वां सबसे ज्यादा देखा जाने वाला इवेंट है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इसके वीडियो लगभग 400 करोड़ बार देखे जा चुके हैं। वर्ष 2023 में विश्व की सबसे तेज मोटर बाइक रेस का टिकट जारी किया गया था। वर्ष 2023 में भारत में पहली बार आयोजित इस रेस के सफल आयोजन के जरिये उत्तर प्रदेश को 200 से अधिक देशों में ब्रांड यूपी स्थापित करने का मौका मिला था। इस इवेंट में रेडबुल, शेल, वी-विन, बीएमड्ब्ल्यू, ओकले, मॉन्सटर, मोटुल, टिसॉट, रेपसॉल, पोलिनी, गो प्रो, हॉन्डा, मिशेलिन, एमेजॉन, डीएचएल व पेट्रोनॉस जैसी 275 दिग्गज कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इस इवेन्ट में डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था। 10 हजार से ज्यादा दर्शक विदेशों से आए थे। लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी एक टिकट 1.80 लाख रुपये तक की बिकी थी।
