
नशा मुक्त युवा विषय के साथ युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होगा। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, छह केंद्रीय मंत्री और तीन मंत्री यूपी सरकार के शामिल होंगे। इसके अलावा 100 आध्यात्मिक और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के 500 से अधिक युवा प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इसके बाद रविवार को काशी घोषणापत्र के उद्घोष के साथ नशा मुक्त विकसित भारत के लिए राष्ट्रीय युवा-नेतृत्व वाली रूपरेखा तैयार की जाएगी।
शिखर सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से, उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश यादव, उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण और उत्तर प्रदेश के उत्पाद शुल्क एवं निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल शामिल होंगे।
दो दिवसीय काशी सम्मेलन में होगा काशी घोषणापत्र का विमोचन
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का समापन रविवार को काशी घोषणापत्र के विमोचन के साथ होगा। माई भारत मंच के साथ मिलकर, यह शिखर सम्मेलन नशे के विरुद्ध एक राष्ट्रीय जनांदोलन की भी शुरुआत करेगा। जिसमें भारत के स्वयंसेवक और संबद्ध युवा क्लब देश भर के गांवों, कस्बों और शहरों में जागरूकता अभियान, प्रतिज्ञा अभियान और जमीनी स्तर पर पहुंच गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे। इस सम्मेलन में चार पूर्ण सत्रों में महत्वपूर्ण विषयों व्यसन के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रभाव को समझना, नशीली दवाओं की आपूर्ति और तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करना, प्रभावी जमीनी स्तर पर अभियान और संचार रणनीतियां और नशा मुक्त भारत के निर्माण हेतु एक प्रारूप तैयार करने पर चर्चा की जाएगी।
