
हत्या के मामले में युवक को जेल भेजने से नाराज बाराबंकी के एक परिवार के आठ लोग बृहस्पतिवार दोपहर विधान भवन के सामने आत्मदाह के लिए पहुंचे। एक महिला ने खुद पर पेट्रोल भी डाल लिया। मौके पर तैनात आत्मदाह निरोधक दस्ते ने सभी को पकड़ लिया।
डीसीपी मध्य डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब दो बजे बाराबंकी के घुंघटेर बजगैनी निवासी जानकी प्रसाद परिवार के आठ लोगों के साथ विधान भवन गेट नंबर- 4 पर पहुंचे। उनकी बहू राम दुलारी ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। यह देखते ही सुरक्षा ड्यूटी में तैनात आत्मदाह निरोधक दस्ते ने सभी को पकड़ लिया। हजरतगंज पुलिस सभी को थाने ले गई। पूछताछ में जानकी प्रसाद ने बताया कि बाराबंकी पुलिस ने उनके बेटे संतोष को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने संतोष को गलत जेल भेजा था। उन्होंने बाराबंकी पुलिस के अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत भी की। कोई सुनवाई न होने पर वे लोग न्याय की आस में विधान भवन पहुंचे थे। डीसीपी ने बताया कि बाराबंकी पुलिस पूरे परिवार को अपने साथ ले गई।
ये लोग पहुंचे थे विधान भवन
जानकी प्रसाद, पत्नी उर्मिला देवी, बहू रामदुलारी, अंकित, पुष्पा देवी, पूनम देवी, मड़ियांव निवासी पंकज और जानकीपुरम निवासी सरिता भारती आत्मदाह करने के लिए पहुंची थीं।
इस मामले में संतोष को भेजा गया था जेल
एएसपी उत्तरी बाराबंकी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 20 जून को अरविंद लोध की हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए संतोष और उसके साथी बृजेश कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ था कि संतोष ने चाची के साथ अवैध संबंध के चलते अरविंद लोध की तार से गला कसकर हत्या कर दी थी।
