बड़े शहरों और क्लब में किया जाता है इसका उपयोग
एमडीएमए को मौली, एमडी, म्याऊ-म्याउ, वाइट पाउडर, एम केट, एक्स्टसी के नाम से भी जाना जाता है। यह एक सिंथेटिक ड्रग है जो मेथाम्फेटामाइन जैसे उत्तेजक पदार्थ के समान है। इसका प्रभाव कोकीन की तरह होता है। इसका उपयोग बड़े शहरों में और क्लबों में किया जा रहा है। महंगे ड्रग्स के विकल्प के रूप में इसका प्रयोग नशे के लिए काफी किया जा रहा है। बड़े और मेट्रो पोलिटन शहरों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। यह ड्रग पश्चिमी देशों में युवाओं के बीच लोकप्रिय है। भारत में क्लब कल्चर में इसका उपयोग बढ़ रहा है।
ड्रग बनाने के लिए थल में मुर्गी फार्म में बनाई थी प्रयोगशाला
एसपी अजय गणपति ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले के थल के पास चंडिकाघाट की सड़क के पास एक मुर्गी फार्म में गुप्त प्रयोगशाला में ड्रग्स बनाई जा रही थी। पिछले माह 13 और 17 जून को मुर्गियों के वाहन में ड्रग्स लेकर वे निकले। इसके बाद 22 और 23 जून को उन्हाेंने ड्रग्स का निर्माण किया। 26 जून को मुंबई और थल पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मारकर प्रयोगशाला को नष्ट किया था लेकिन शातिर पुलिस के आने से पहले ही ड्रग लेकर भाग निकले थे। आरोपी राहुल ने अपनी पत्नी को ड्रग नदी में फेंकने के लिए 27 जून को सौंप दी थी।
महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई बनी सुराग का जरिया
एसपी अजय गणपति ने बताया कि हाल ही में महाराष्ट्र के ठाणे पुलिस ने पिथौरागढ़ में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल के निर्देश पर चंपावत, पिथौरागढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने सूचनाओं का आदान-प्रदान कर कार्रवाई की। मुंबई पुलिस ने 10 ग्राम एमडीएमए ड्रग के साथ एक आरोपी को पकड़ा था। पूछताछ में उसने पहाड़ से ड्रग्स की सप्लाई की बात बताई। इसके बाद मुंबई पुलिस थल पहुंची थी।
पिथौरागढ़ से लाकर महिला को दी गई ड्रग्स
आरोपी ईशा ने बताया कि बैग में एमडीएमए उसके पति राहुल कुमार और उनके सहयोगी कुनाल कोहली ने 27 जून को पिथौरागढ़ से लाकर उसे दी थी। ठाणे मुंबई में पंजीकृत मुकदमे में कुनाल वांछित है। बताया कि पुलिस की सक्रियता को देखते हुए उसके पति राहुल के कहने पर वह 12 जुलाई को बरामद माल को शारदा नहर में फेंकने जा रही थी।
कुनाल ने की है रसायन विज्ञान की पढ़ाई
एसपी अजय गणपति ने बताया कि आरोपी कुनाल कोहली ने रसायन विज्ञान की पढ़ाई की है। वह मुंबई में रहता है। दूसरे आरोपी राहुल की टनकपुर में मोबाइल की दुकान है। वह मुंबई जाता रहता था। अनुमान लगाया जा रहा है कि कुनाल कोहली को प्रतिबंधित केमिकल से ड्रग बनाने की पूरी जानकारी थी। उसने इसे बनाना कैसे सीखा यह पुलिस के लिए जांच का विषय है। कुछ समय पहले कम मात्रा में यूएस नगर में एमडीएमए ड्रग पकड़ी गई थी।