
उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर जिले में कथित रूप से धर्म परिवर्तन करने वाले ईसाई समुदाय के खातों में आयी चार करोड़ की धनराशि कहां से आई है इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है वही चार आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को मामले की जानकारी दी है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि , सिधौली में गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु निवासी पदमनाभन के खाते में तमिलनाडु की एक संस्था जीसस रेडीमेड ने 25 लाख रुपए भेजे थे जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की तब पता चला कि जीसस रेडीमेड का खाता 4 करोड़ 60 लाख से 2017 में खोला गया था इसके बाद इस खाते में कितना लेनदेन किया गया यह जांच का विषय है।
उन्होंने बताया कि संस्था ने शाहजहांपुर के अलावा अन्य जिलों में भी अपने समुदाय के लोगों को पैसा भेजा है इस मामले की जांच भी की जा रही है। जिले में थाना रामचंद्र मिशन में एक सिधौली में दो तथा निगोही में एक खुटार में दो मामले सामने आए हैं जिनमें 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
द्विवेदी ने बताया कि पुलिस “मनीट्रेन” के तहत जो भी आरोपी गिरफ्त में आए हैं उनके खातों की पूरी गंभीरता से जांच कर रही है उन्होंने कहा कि हमें अंदेशा है कि तमिलनाडु की संस्था के खाते में जो पैसा आया है वह कहीं विदेश से तो नहीं भेजा जा रहा है इस मामले में उन्होंने साइबर सेल के अलावा कई टीमें लगाई है और हम जल्दी इस मामले का खुलासा करेंगे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना खुटार के कुंभी गांव में भी ईसाई समुदाय के हरिश्चंद्र 50 तथा उनके बेटे शैलेश 25 को रविवार को प्रार्थना सभा करते समय हिरासत में लिया गया उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है पुलिस इस पूरे मामले में गहनता से दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
वही निगोही थाना अंतर्गत चैना रुबिया गांव में भी एक ईसाई समुदाय के हेमराज तथा ओमपाल को धर्म परिवर्तन करने के मामले में हिरासत में ले लिया गया है।
द्विवेदी ने बताया कि हमें पैसे के लेनदेन के जो प्रमाण मिले हैं यह गंभीर मामला है इस पर हम गंभीरता से जांच कर रहे हैं तथा जल्दी ही हमारी टीम इस पूरे मामले का खुलासा करेगी।
