
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के भीतर विद्रोह कराना आईएसआई और पाकिस्तानी सेना का मकसद था। इसका खुलासा गुजरात एटीएस व अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने बुधवार को जिन चार संदिग्धों को पकड़ा है उनसे हुई पूछताछ में हुआ। सोशल मीडिया के जरिये चारों अपने आका से मिले फरमान को अंजाम देने में जुटे थे। इन्हें दिल्ली,यूपी और गुजरात समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी हमले का भी टास्क मिला था, जिसकी साजिश चारों मिलकर रच रहे थे।
ऑपरेशन बूनयान के पक्ष में सोशल मीडिया पर बना रहे थे माहौल
गुजरात से अलकायदा के 2, दिल्ली और नोएडा से एक-एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता लगा है कि आतंकियों का ये मोड्यूल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन्हें खास मकसद से सक्रिया किया गया था। इन्हें सोशल मीडिया के जरिये हिंदुस्तान में विशेष समुदाय के लोगों को कट्टरवाद और धार्मिक आधार पर पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा करना था। इसके लिए आतंकियों का ये मॉड्यूल पाकिस्तानी आर्मी के ऑपरेशन बूनयान उल मर्सूस के पक्ष में सोशल मीडिया पर माहौल भी बना रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान भेजी गोपनीय जानकारी
इन आतंकियों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में कई बार पाक आर्मी और आईएसआई अधिकारियों से संपर्क किया था। आतंकी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के दो सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये लगातार गोपनीय जानकारियां दे रहे थे। इन्हीं सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये इन्हें निर्देश भी मिल रहे थे।v
ऐसे बना रहे थे जेहादी
पकड़े गए आतंकी, ओसामा बिन लादेन और मौलाना असीम उमर उर्फ सना उल हक के जेहादी वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर नौजवानों का ब्रेनवॉश करते थे। पकड़े गए चारों आतंकियों को मोहम्मद फैक लीड कर रहा था। फैक दिल्ली में एक फास्ट फूड चेन में बतौर मैनेजर काम कर रहा था। पढ़ा-लिखा मोहम्मद फैक ने ही बाकी तीनों आतंकियों को अपने साथ जोड़कर मोड्यूल तैयार किया था।
आतंकी हमले की हो रही थी प्लानिंग
मोहम्मद फैक सोशल मीडिया अकाउंट पर नौजवानों को जेहाद की तालीम देने का काम कर रहा था। नोएडा से पकड़ा गया आतंकी जीशान अली एक मोबाइल शॉप में काम करता है और बाकी दोनों गुजरात में सिलाई का काम करते हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस, गुजरात एटीएस के संपर्क में है।
