
कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन डाक कांवड़ यात्रियों की रफ्तार बेहद तेज रही। हाईवे से लेकर शहर की गलियों तक सबसे अधिक तेज आवाज वाली बाइकों की गूंज रही। इसके चलते स्थानीय अपने घरों में ही कैद रहे। जरूरी काम के लिए ही बाहर निकले। 24 घंटे के अंदर 56 लाख कांवड़ यात्री गंगाजल भरकर रवाना हुए और 12 दिन में मेले में पहुंचे शिवभक्तों की संख्या 4.12 करोड़ 90 हजार पहुंच गई।
कांवड़ मेले के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की भीड़ ने सारे रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। सोमवार शाम छह बजे से मंगलवार शाम छह बजे तक 24 घंटे में 56 लाख कांवड़ यात्री गंगाजल भरकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि 10 जुलाई से लेकर मंगलवार शाम तक कुल 4 करोड़ 12 लाख 90 हजार शिवभक्त गंगाजल भरकर हरिद्वार से रवाना हो चुके हैं। यह आंकड़ा अब तक की सबसे बड़ी भीड़ में गिना जा रहा है।
एसएसपी ने बताया कि मेले के अंतिम दिन अधिक संख्या में दोपहिया वाहनों से रवाना होने वाले शिवभक्तों अधिक रहे। हरकी पैड़ी और अन्य प्रमुख घाटों से लेकर हाईवे और शहर की सड़कों तक पुलिस बल की कड़ी निगरानी रही। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी की मदद से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
