
नैनीताल हाईकोर्ट ने नैनीताल नगरपालिका में डेपुटेशन पर वित्त ऑडिट अधिकारी की नियुक्ति करने, अशोक हॉल पार्किंग के स्थान पर पार्किंग के बजाय व्यावसायिक भवन का का प्रस्ताव बनाने और जू से कैलाखान तक जाने वाले मार्ग को वाहनों की आवाजाही के योग्य बनाए जाने का परिक्षण कर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं।
नैनीताल में चिड़ियाघर मार्ग में नगरपालिका और कैंट दोनों की ओर से शुल्क वसूली मामले में मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर और जस्टिस अलोक मेहरा की बेंच के समक्ष कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में जिलाधिकारी वंदना सिंह और कैंट के सीईओ वरुण कुमार भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। कोर्ट ने कहा कि पालिका के पास बहुत सी संपत्तियां हैं लेकिन उनके बेहतर वित्तीय उपयोग में प्रयासों की कमी नजर आ रही है। कोर्ट ने वित्त सचिव को निर्देश दिए कि पालिका में चीफ फाइनेंस अधिकारी का पद सृजित कर उस पर नियुक्ति की जाए नियुक्ति होने तक तक के लिए दो सप्ताह के भीतर ऑडिट विभाग से एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति पालिका में की जाए जो पालिका के वित्तीय साधनों में बढ़ोतरी और इन स्रोतों में लीकेज को रोकने संबंधी उपाय सुझा सके।
अशोक हॉल की जगह में अब नहीं बनेगी पार्किंग
हाईकोर्ट ने कहा कि अशोक पार्किंग स्थल वाली लगभग 15000 वर्ग फीट भूमि बहुत कीमती और उपयोगी है, इसके लिए पालिका शीघ्र किसी व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का प्रस्ताव डीएम को दे जिसे डीएम सरकार के समक्ष रख कर योजना बना सकें। पार्किंग किसी अन्य अनुपयोगी स्थान पर भी बनाई जा सकती है। डीएम वंदना सिंह ने बताया कि पार्किंग के लिए केंद्र सरकार से राशि प्राप्त हुई थी उस राशि का उपयोग दूसरे कार्यों में नहीं हो सकता।
जू से कैलाखान मार्ग का प्रस्ताव 15 तक देने के निर्देश
कोर्ट ने कहा कि पालिका जू से कैलाखान तक जाने वाले मार्ग का अधिग्रहण कर कैंट को मुआवजा देने संबंधी विचार करे और 15 जुलाई तक डीएम को प्रस्ताव दे जिस का परिक्षण कर डीएम इस पर वाहनों की आवाजाही संबंधी अग्रिम प्रस्ताव तथा अन्य कार्यवाही करें।
नैनीताल को मॉडल सिटी बनाएं
कोर्ट को पालिका के अधिवक्ता डीएस पाटनी ने बताया कि पालिका जल्द ही सभी टॉल बैरियर और पार्किंग में फास्टटैग से वसूली की प्रक्रिया लागू करेगी। उन्होंने बताया कि पालिका पर 14.86 करोड़ रूपये का कर्ज है।
कोर्ट ने कहा कि संपत्तियों के समुचित उपयोग और टॉल आदि के सही प्रबंधन से नगर पालिका नैनीताल को एक आदर्श पालिका बनाया जा सकता है।
