
सुपौल के टाउन हॉल में गुरुवार को आयोजित मछुआरा दिवस के सरकारी कार्यक्रम में शराब के नशे में पहुंचे जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई कार्यक्रम खत्म होने के कुछ देर बाद हुई।
जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में धूमधाम से मछुआरा दिवस मनाया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू, डीएम सावन कुमार, नगर परिषद् सुपौल के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरीय अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री, डीएम सहित अन्य ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सभी ने उपस्थित मछुआरों को संबोधित किया। इसी दौरान एक मछुआरे ने डीएफओ द्वारा किट उपलब्ध कराने के बदले अवैध वसूली की शिकायत डीएम से की। जब डीएम ने डीएफओ शंभू कुमार को पास बुलाया तो उनके मुंह से शराब की गंध आई।
एक साल पहले भी भर चुके हैं जुर्माना
यह पहली बार नहीं है, जब डीएफओ शंभू कुमार शराब सेवन मामले में गिरफ्तार किए गए हैं। इससे पहले भी 09 मार्च 2024 को जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार को बिहार उत्पाद अधिनियम के अंतर्गत शराब सेवन के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। हालांकि 10 मार्च को जुर्माने की राशि 2500 रुपए जमा करने पर उन्हें मुक्त किया गया था। तत्कालीन डीएम कौशल कुमार ने कहा था कि कानून से ऊपर कुछ भी नहीं। इस मामले को लेकर आरोपी जिला मत्स्य पदाधिकारी से स्पष्टीकरण लिया गया था।
डीएम बोले- कानून के तहत होगी कार्रवाई
इधर, डीएम सावन कुमार ने बताया कि शंभू कुमार जिला मत्स्य पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वे सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। वहां उनके व्यवहार और हालत से नशे की पुष्टि हुई। सर्किट हाउस से उत्पाद विभाग ने उन्हें गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सरकार शराबबंदी कानून के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगी। कानूनी प्रावधानों के अनुसार डीएफओ के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
