
हल्द्वानी नगर में मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। लावारिस हाल में दर्द से कराहते हुए रविवार देर शाम बेस अस्पताल पहुंचाई गई विक्षिप्त युवती का इलाज शुरू हुआ तो डॉक्टर हैरान रहे गए। पता चला कि गर्भ गिरने से उसकी यह हालत हुई है। बेस से महिला अस्पताल रेफर की गई युवती को खून की जरूरत पर सोमवार को एसटीएच भेज दिया गया। फिलहाल युवती का इलाज चल रहा है, लेकिन उसकी इस हालत के लिए कौन जिम्मेदार है, यह बड़ा सवाल है।
अस्पताल में जब युवती के बारे पूछताछ की गई तो पता चला कि एक साल पहले भी वह गर्भावस्था की हालत में महिला अस्पताल पहुंची थी। तब भी उसका कम महीने का गर्भ खराब हो गया था। रविवार रात 108 से महिला अस्पताल लाई गई युवती की विभिन्न प्रकार की जांचें की गई तो रिपोर्ट में पता चला कि उसके शरीर में काफी कम खून बचा था। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. उषा जंगपांगी ने ब्लड बैंक के माध्यम से दो यूनिट खून का इंतजाम कराया और बेहतर इलाज के लिए पुलिस के माध्यम से रविवार को युवती को 108 से सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया।
सीएमएस डॉ. जंगपांगी का कहना है कि इलाज तो अस्पताल में हो रहा है लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि स्वस्थ होने के बाद युवती किसके साथ रहेगी। इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा जा रहा है ताकि युवती को उचित संरक्षण मिल सके। साथ ही भविष्य में उसके साथ कोई अनहोनी न हो।
कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं
डॉक्टरों के मुताबिक मानसिक स्थिति सही नहीं होने से युवती अपने पहचान के संबंध में कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। इलाज के बाद भी काफी कम संभावना है कि वह अपनी इस हालत के पीछे के कारणों के बारे में कुछ ठोस जानकारी दे पाएगी।
ये सवाल उठ रहे
युवती को इस हालत में पहुंचाने के जिम्मेदार इंसानियत के दुश्मन कौन
एक वर्ष पहले युवती इस हाल में अस्पताल पहुंची तो क्या कानूनी कार्रवाई की गई थी
क्या पुलिस युवती के परिजनों को खोजने की कोशिश करेगी
पुलिस स्वत: संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी
यह मामले गंभीर है, युवती से बातचीत कर परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा। यदि किसी ने उसके साथ गलत किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले जाएंगे। इस संबंध में कोतवाली पुलिस को निर्देश दे दिए हैं। – नितिन लोहनी, सीओ सिटी हल्द्वानी
