
अमेरिका की दवा नियामक संस्था खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) में वैक्सीन विभाग के प्रमुख डॉ. विनय प्रसाद अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने यह पद सिर्फ तीन महीने पहले संभाला था। उनके इस्तीफे की वजह को लेकर काफी विवाद हुआ है। कुछ लोगों का कहना है कि वह खुद जा रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि उन्हें हटाया गया है।
स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के एक प्रवक्ता ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) देर रात एक बयान में कहा कि डॉ. प्रसाद कोई हंगामा नहीं करना चाहते थे। वह अब अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए एफडीए के शीर्ष वैक्सीन नियामक के रूप में अपनी भूमिका से हट रहे हैं।
कई विवादों के बाद प्रसाद को पद से हटाया गया: सूत्र
इस मामले से परिचित दो लोगों ने बताया कि प्रसाद को हाल ही में हुए कई विवादों के बाद पद से हटाया गया है। उन्होंने आंतरिक कार्मिक मामलों पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर बात की। हालांकि, प्रसाद ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) सुबह तक इस मामले को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की।
कार्यवाहक की भूमिका के रूप में कार्यभार संभालेंगे जॉर्ज टिडमार्श
एजेंसी की एक ईमेल के अनुसार, एफडीए के औषधि केंद्र निदेशक डॉ. जॉर्ज टिडमार्श, डॉ. प्रसाद का कार्यभार कार्यवाहक की भूमिका में संभालेंगे। टिडमार्श ने एक फार्मास्युटिकल कार्यकारी और सहायक प्रोफेसर के रूप में दशकों के लंबे करियर के बाद पिछले सप्ताह एफडीए में कार्यभार संभाला था।
जानें कौन हैं डॉ. विनय प्रसाद
डॉ. प्रसाद पहले कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन फ्रांसिस्को में प्रोफेसर थे और मई में एफडीए में शामिल हुए थे। उन्होंने अक्सर एफडीए की दवा और कोविड टीकों की मंजूरी की प्रक्रिया की आलोचना की थी। उनकी सोच एफडीए के आयुक्त मार्टी मकेरी से मेल खाती थी, जिन्होंने उनकी खूब तारीफ की थी। लेकिन हाल के हफ्तों में, प्रसाद दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गए, जिनमें लॉरा लूमर भी शामिल थीं। उन्होंने प्रसाद के पिछले बयानों पर सवाल उठाए थे, जिनमें उन्होंने ट्रंप की आलोचना और उदारवादी स्वतंत्र सीनेटर बर्नी सैंडर्स की प्रशंसा की थी।
लूमर के पोस्ट के बाद ट्रंप ने कई अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था
लूमर ने पिछले सप्ताह एक्स पर पोस्ट में कहा था, ‘यह ट्रंप विरोधी इंसान ट्रंप प्रशासन में कैसे घुस गया।’ लूमर द्वारा उनकी वफादारी पर चिंता जताए जाने के एक दिन बाद ही ट्रंप ने कई राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था।
