
झारखंड के देवघर में मंगलवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे में पांच कावड़ियों की मौत हो गई। दरअसल कांवड़ियों को लेकर जा रहा वाहन एक अन्य वाहन से टकरा गया, जिससे पांच कांवड़ियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि घटना मंगलवार को सुबह 4.30 बजे हुई, जब कांवड़ियों को ले जा रही बस मोहनपुर पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले जमुनिया इलाके में गैस सिलेंडर ले जा रहे वाहन से टकरा गई। हादसे में कई घायलों की गंभीर को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
देवघर के एसडीओ सदर रवि कुमार का कहना है, ‘दुर्घटना की सूचना सुबह करीब 4-5 बजे मिली। देवघर से बासुकीनाथ दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक निजी बस का ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और बस एक ट्रक से टकरा गई। इसके बाद बस ईंट के ढेर से टकरा गई। हादसे में बस के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, और चार अन्य लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। शवों को सदर अस्पताल लाया गया है। पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है, और 23 घायलों का इलाज चल रहा है।’ देवघर के डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि घायलों में से नौ लोगों की हालत गंभीर है, जिन्हें एम्स देवघर में शिफ्ट किया गया है।
मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
दुमका जोन के इंस्पेक्टर जनरल शैलेंद्र कुमार ने बताया कि हादसे में पांच कांवड़ियों की मौत हुई है और कई घायल हैं। जिला प्रशासन ने नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। ट्रैफिक पुलिस एसपी लक्ष्मण प्रसाद ने दावा किया है कि मृतकों का आंकड़ा पांच से भी ज्यादा है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने तो हादसे में 18 कांवड़ियों की मौत का दावा किया है। हालांकि अभी तक किसी सरकारी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
सांसद निशिकांत दुबे बोले 18 कांवड़ियों की मौत हुई
झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने हादसे पर ट्वीट किया है। निशिकांत दुबे ने हादसे में 18 कांवड़ियों की मौत का दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘मेरे लोकसभा के देवघर में श्रावण मास में कांवर यात्रा के दौरान बस और ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है । बाबा बैद्यनाथ जी उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।’ झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में इन दिनों श्रावणी मेले की वजह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। इस मंदिर में सावन के महीने में झारखंड के साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
