उत्तराखंड: टिमटिमाते जुगनू के जीवन पर संकट, 1 वर्ष में 76 फीसदी आई कमी, देश के 22 राज्यों में हुई गणना

Spread the love

 

भौतिकवाद की चकाचौंध रात को टिमटिमाते जुगनू के अस्तित्व के लिए खतरा बन रही है। प्रकृति का यह सुंदर कीट विलुप्त होने की कगार पर पहुंच रहा है। इस बार देश के 22 राज्यों में 6139 जुगनू पाए गए हैं। बीते एक वर्ष में ही जुगनू की संख्या में देशभर में करीब 76 फीसदी कमी दर्ज की गई है।

गांव, कस्बों, नगर और महानगर शाम होते ही कृत्रिम प्रकाश की रोशनी में सराबोर हो रहे हैं, जिससे जुगनू का जीवन व्यापक रूप से प्रभावित हो रहा है। बीते 5 व 6 जुलाई को विश्व जुगनू दिवस पर ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून के वरिष्ठ प्रो. वीरेंद्र प्रसाद उनियाल और डा. निधि राणा की पहल पर देशभर में जुगनू की गणना की गई।

भारतीय वन्य जीव संस्थान के सहयोग से दोनों वैज्ञानिकों ने विशेष क्यूआर कोड और लिंक की मदद से देश के 22 राज्यों में जुगनू की गणना कराई। इस गणना उत्तराखंड, केरल, राजस्थान, यूपी, कर्नाटक, गुजरात, पंजाब, झारखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के 232 लोग शामिल हुए।

 

डॉ. वीपी उनियाल के अनुसार, इस बार जुगनू की संख्या में कमी पाई गई है। उन्होंने बताया कि गांव से लेकर महानगरों में रात्रि को अत्यधिक कृत्रिम प्रकाश से जुगनू के जीवन चक्र पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। इस बार सिर्फ 6139 जुगनू मिले हैं, जो बीते वर्ष की तुलना में बहुत कम है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष 20 राज्यों में 26 हजार जुगनू पाए गए थे।

 


Spread the love
और पढ़े  दुखद खबर: अल्लू अर्जुन की दादी का निधन, 94 साल में ली अंतिम सांस..
  • Related Posts

    पंचतत्व में विलीन हुई अल्लू अर्जुन की दादी, अंतिम यात्रा में शामिल हुए कई दिग्गज 

    Spread the love

    Spread the love   अल्लू अर्जुन की दादी अल्लू कनकारत्नम का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। इस मुश्किल घड़ी में अल्लू अर्जुन को सपोर्ट करने के लिए…


    Spread the love

    चीन में PM मोदी का भव्य स्वागत, चीनी कलाकारों ने दी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति

    Spread the love

    Spread the love   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन दौरे पर पहुंच गए हैं। चीन में पीएम मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। चीन में पीएम मोदी…


    Spread the love