
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में इन दिनों भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां दो दिवसीय राम कथा का भव्य आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
यह आयोजन मनी रामदास छावनी के कथा मंडपम में हो रहा है, जहां उज्जैन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी राम कथा का रसपान करा रहे हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों, जीवन के विभिन्न प्रसंगों और उनके दिव्य चरित्रों पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान का मार्ग दिखाया।
कथावाचक श्री राम बाबा ने बताया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण की खुशी में यह आयोजन रखा गया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन आदर्शों, संयम और मर्यादा का प्रतीक है, जो आज के युग में भी प्रासंगिक है।
महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने कथा के दौरान गुरु-शिष्य संबंधों की महत्ता पर बल देते हुए कहा, “अगर मन में संदेह हो और गुरु सामने हों, तो संकोच न करें। गुरु से कुछ छिपाना पाप के समान है। संशय तभी मिटता है जब हम उसे गुरु के समक्ष विनम्रता से रख देते हैं।”इस पावन अवसर पर उज्जैन से पधारे मुख्य यजमान बद्री प्रसाद सोनी, प्रियंका सोनी, वेतन सोनी, पुत्री वृत्तिका सोनी, धर्मेंद्र सोनी एवं जितेंद्र सोनी सहित कई श्रद्धालु परिवार सपरिवार उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
